जैजैपुर जनपद पंचायत में बड़ा प्रशासनिक खेल!CEO और PO का तबादला, लेकिन रिलीव TA अब भी बैठा जैजैपुर जनपद में

 जैजैपुर जनपद पंचायत में बड़ा प्रशासनिक खेल!CEO और PO का तबादला, लेकिन रिलीव TA अब भी बैठा जैजैपुर जनपद में



जनपद पंचायत जैजैपुर इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था और अधिकारियों की मनमानी को लेकर सुर्खियों में है। एक ओर जहां जैजैपुर मुख्य कार्यपालन आधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी (PO) चंद्रशेखर सूर्यवंशी का अचानक स्थानांतरण कर दिया गया, जबकि सी ई ओ को महज कुछ महीने ही हुए थे। वहीं दूसरी ओर तकनीकी सहायक (TA) राकेश चंद्रा को विधिवत रिलीव दिनांक 10.04.2026 को किए जाने के बाद भी वह आज भी डभरा ज्वाइनिंग नही किया है वह जैजैपुर जनपद कार्यालय में बैठकर कामकाज संचालित कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभागीय आदेश के तहत TA को 10.04.2026 को जनपद पंचायत डभरा हेतु रिलीव किया जा चुका है, लेकिन आदेश और अपना रिसीविंग देने के बावजूद संबंधित TA न केवल कार्यालय में प्रतिदिन बैठ रहा है, बल्कि फाइलों की जांच, तकनीकी अनुमोदन का कार्य कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि रिलीव होने के बाद भी उसका कार्यालय में बैठना नियम विरुद्ध है, लेकिन उसकी मनमानी और राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा।

इधर मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी के ट्रांसफर के बाद जनपद पंचायत में प्रशासनिक नेतृत्व लगभग शून्य की स्थिति में पहुंच गया है। ऐसे में रिलीव TA का दफ्तर में बैठना और अधिक संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों का आरोप है कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया है ताकि निर्माण कार्यों, भुगतान फाइलों और तकनीकी स्वीकृतियों पर एक ही व्यक्ति का नियंत्रण बना रहे।

जनपद पंचायत से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की फाइलें फिलहाल इसी TA के इशारे पर आगे बढ़ रही हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब विभागीय आदेश के अनुसार TA को कार्य भार मुक्त किया जा चुका है, तो फिर किसके संरक्षण में वह अब भी जैजैपुर तकनीकी सहायक रूप में जनपद पंचायत में बैठ रहा है? क्या उच्च अधिकारियों के आदेश केवल कागजों तक और चन्द्रशेखर po को जैजैपुर जनपद से हटाने के लिए सीमित हैं?

इस मामले को लेकर कर्मचारियों में अंदरूनी नाराजगी साफ देखी जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों ने बताया कि कार्यालय में भय और दबाव का माहौल बना हुआ है। जो भी कर्मचारी नियमों की बात करता है, उसे प्रताड़ना का डर दिखाया जाता है।

जैजैपुर जनपद क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत एवं कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस प्रशासनिक अराजकता पर लगाम नहीं लगाई गई, तो शासन की साख को बड़ा नुकसान होगा।

अब देखना यह होगा कि जैजैपुर जनपद पंचायत में चल रहे इस “ट्रांसफर बनाम अवमानना” के खेल पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं।

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