श्रीमान कलेक्टर महोदय जी जिला सक्ती (छ.ग.)धान खरीदी वर्ष 2025-26 में किसानों को हो रही समस्याओं के संबंध में।

 श्रीमान कलेक्टर महोदय जी जिला सक्ती (छ.ग.)धान खरीदी वर्ष 2025-26 में किसानों को हो रही समस्याओं के संबंध में।



महोदय,

उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में धान खरीदी में किसानों को हो रही विभिन्न समस्याओं केसंबंध में भारतीय किसान संघ जिला सक्ती निम्नांकित बिन्दुओं पर मांग करती है कि:-

1. धान खरीदी की समय सीमा 31 जनवरी से बढ़ाकर 15 फरवरी तक तत्काल किया जावें।

2. सक्ती जिला में धान विक्रय हेतु टोकन अभी तक नहीं कटा है उनका तत्काल टोकन काटने एवं उनका धान खरीदी की व्यवस्था की जावें ।

3. धान खरीदी के नोडल अधिकारीयों द्वारा घर-घर जाकर किसानों का धान सत्यापित किया जा रहा है जिससे किसान अपने आप को ठगा और अपमानित महसूस कर रहे है जिससे बडी और अप्रीय घटना होने की संभवना बन रही है। अतः सत्यापन का कार्य तत्काल प्रभावी रूप से बंद करायी जावें।

4. धान खरीदी केन्द्रो के खरीदी प्रभारी एवं नोडल अधिकारीयों के द्वारा किसानों को जबरन रकबा समपर्ण के लिये दबाव बनाया जा रहा है और यह कहा जा रहा है कि हमें शासन के उपरीय अधिकारीयों द्वारा यह सूची दिया गया है जिसमें आपकी रकबा कम है साथ ही रकबा समपर्ण नही किये जाने पर धान नही खरीदने की धमकी भी दिया जा रहा है।

5. छ.ग. शासन के नियमानुसार सभी धान खरीदी केन्द्रो में धान की तौलाई 40.700 लिया जाना तय है, (जूट बोरी मे) तथा 40.300 किलो (प्लास्टिक बोरी में) लेकिन ऐसा न लेकर अधिकांशतः केन्द्रों में 41.500 कि.ग्रा., 41.700 किलो यहाँ तक कि 41.800 कि.ग्रा. अधिकत्म 45.00 कि.ग्रा. तक तौला जा रहा 

साथ तौलाई एवं भराई के नाम पर प्रति कट्टी (बोरी) उ रु से 6 रू तक लिया जा रहा है, जबकि शासन के द्वारा प्रभारीयों को प्रासंगिक व्यय के रूप में 22.50 रु दिया जा रहा है।

अतः किसानों से लिए गये अधिक धान की राशि व तौलाई एवं भराई के नाम पर लिया गया राशि भी किसानों के खाते में वापिस किया जावें ।

अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि भारतीय किसान संघ

की उक्त मांगो को गंभीरता से लेते हुए शासन को अवगत करावे तथा मांगों को तत्काल प्रभाव से 

लागू कराने की कृपा करें।

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